निर्भया से दरिंदगी करने वालों को फांसी हुई होती तो नहीं देखना पड़ता यह दिन – आशा देवी

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उन्नाव व कठुआ गैंगरेप सामने आने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने अपना असंतोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा उन्नाव और कठुआ जैसे मामलों से साबित हो जाता है कि धीमी न्याय प्रक्रिया की वजह से अपराधियों के मन में कोई डर पैदा नहीं हो सका है और उनके हौसले बुलंद हैं। पांच साल पहले गैंगरेप और मर्डर में अपनी बेटी खोने वाली आशा देवी ने कहा कि सजा मिलने के बाद भी मेरी बेटी के गुनहगार अब तक फांसी पर लटकाए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने पांच मई, 2017 को उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी और करीब एक साल पूरा होने के बावजूद उन्हें फांसी नहीं दी जा सकी है। मुझे लगता है कि इन अपराधों का दोषी एक हद तक हमारा लचर सिस्टम है। अगर उन अपराधियों को सजा दे दी गई होती तो आज हमें यह दिन नहीं देखना पड़ता।
हमेशा पीड़िता की गलती बताने वाले समाज से निर्भया की मां ने कहा कि हमेशा रेप पीड़िता की गलती ढूंढने वाले और उसे ठीक से कपड़े पहनने और सही वक्त पर निकलने की सलाह देने वालों को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्नाव और कठुआ में भी सिस्टम ने तुरंत कार्रवाई नहीं की और जब तक ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई पक्की नहीं हो जाती, हम आगे नहीं बढ़ सकते।