ट्रंप की जीत में श्वेतों की मृत्युदर बढ़ने का हाथ

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(वॉशिंगटन)
। अधेड़ उम्र के श्वेत लोगों की मृत्युदर में बीते 15 वर्षों में हुई उल्लेखनीय वृद्धि वर्ष 2016 में अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत की एक बड़ी वजह है। यह तथ्य एक शोध में सामने आया है। शोधकर्ताओं ने 45 से 54 वर्ष आयु वर्ग के श्वेत लोगों के आंकड़ों की पड़ताल करके पाया कि वहां ट्रंप की जीत की संभावना अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंदी हिलेरी क्लिंटन के मुकाबले अधिक थी, जहां अधेड़ आयु के श्वेत लोगों की मृत्यु दर वर्ष 1999 से वर्ष 2016 के बीच उल्लेखनीय रूप से बढ़ी। अमेरिका में ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ओसामा बिलाल ने बताया, हमारा मानना है कि वे देश जहां बीते दशक में मृत्युदर बढ़ी रही है, वहां बड़े स्तर पर सामाजिक विघटन देखने को मिला है। इसकी वजह से मतदान के पैटर्न में बदलाव आए हैं। जर्नल सोशल साइंस एंड मेडिसिन में प्रकाशित इस शोध में कहा गया कि अधेड़ आयु के प्रति एक लाख श्वेत लोगों की मृत्युदर में औसतन 15.2 फीसदी की वृद्धि का संबंध वर्ष 2016 में राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार के पक्ष में एक फीसदी मत के रुझान से है

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