प्रदेश की चार सड़कें शामिल हो सकती हैं भारत माला में केंद्रीय मंत्री से की लोक निर्माण मंत्री ने मुलाकात

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(भोपाल) प्रदेश की चार सड़कें केंद्र सरकार की भारत माला परियोजना में शामिल हो सकती है। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह मुलाकात भी कर चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की मुलाकात के बाद विभाग ने सड़कों को चिन्हित करके मांग पत्र तैयार कर लिया है। इसमें भोपाल-सलामतपुर-सांची-सागर सहित चार अन्य सड़कें रखी गई हैं। मांग पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से भेजा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि भारत माला परियोजना के लिए लोक निर्माण विभाग ने बुधनी-रेहटी-नसरुल्लागंज-खातेगांव, सिवनी-बालाघाट-गोंदिया और भोपाल संभाग की एक अन्य सड़क को शामिल किया है। ये सभी सड़कें यातायात, व्यापार सहित अन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना में प्रदेश की सड़कें यदि शामिल हो जाती हैं तो हमें सिर्फ भूमि अधिग्रहण, पाइप लाइन और बिजली के खंभों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने में होने वाला खर्च ही देना होगा। बाकी पूरी राशि केंद्र सरकार लगाएगी। ये सड़कें फोरलेन बनेंगी।सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने विजन 2018 में सभी संभागीय मुख्यालयों को राजधानी भोपाल से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया था। ज्यादातर संभागीय मुख्यालय जुड़ भी गए हैं। लेकिन, सागर को लेकर अभी भी घूमकर जाना पड़ता है। इसे देखते हुए भारत माला परियोजना में भोपाल-सागर सड़क का प्रस्ताव रखा जा रहा है। होशंगाबाद से औबेदुल्लागंज फोरलेन सड़क का काम आवंटित हो चुका है। औबेदुल्लागंज से भोपाल सिक्सलेन सड़क बनेंगी। यह गुजरात से शुरू होकर मिजोरम तक जाएगा। इसमें गुजराज के साथ राजस्थान, पंजाब, जम्मू-काश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, आसाम, सिक्किम, बिहार, उत्तरप्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को शामिल किया गया है। इन सभी राज्यों में 13 हजार 146 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। परियोजना 2022 तक पूरी होने का लक्ष्य रखा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना को मिलाकर भारत माला परियोजना बनाई गई है।

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