प्रदेश के साहूकारी अधिनियम में होगा बदलाव!

0
198

(भोपाल) प्रदेश के साहूकारी अधिनियम में होगा बदलाव!प्रस्तावित मसौदे को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा
। राज्य सरकारी साहूकारी अधिनियम में बदलाव करने जा रही है। अधिनियम में बदलाव करने की मंजूरी के लिए प्रस्तावित मसौदा राष्ट्रपति को भेजा है। मंजूरी मिलते ही इसे विस में रखेंगे। राज्य सरकार काफी समय से साहूकारों पर नियंत्रण के लिए कानून में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों की माने तो प्रदेश सरकार जल्द ही आदिवासी बहुल क्षेत्रों में साहूकारी (ब्याज का धंधा) के काम पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने जा रही है। इसके बाद इन क्षेत्रों में यदि कोई ब्याज का काम करता पाया जाएगा तो उस पर पहली बार में 2000 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार में जुर्माने की राशि 5000 रुपए हो जाएगी और दो साल कैद की सजा भी सुनाई जा सकती है। साहूकारी के लिए पंजीयन का अधिकार पंचायतों को होगा। ब्याज दर क्या रहेगी, यह भी राज्य सरकार तय करेगी। गौरतलब है कि किसानों की आत्महत्या के बाद हर बार कर्ज वसूली के लिए साहूकारों द्वारा दबाव बनाए जाने का मुद्दा उठता रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने साहूकार अधिनियम 1934 में नया उपबंध करने का फैसला किया है।
सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग ने जो मसौदा तैयार किया है कि उसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों में साहूकारी के काम पर पूरी तरह रोक रहेगी। गैर कानूनी तरीके से कोई व्यक्ति साहूकारी का काम न कर पाए, इसके लिए पंचायतों को अधिकार दिए जाएंगे। यदि कोई ग्राम पंचायत ऐसा प्रस्ताव पारित करती है कि उनके क्षेत्र में साहूकारी का काम न हो, तो वहां प्रतिबंध रहेगा। सरकार द्वारा तय ब्याज दर से ज्यादा 323 ब्याज वसूलता हुआ यदि कोई पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माने और कैद तक की कार्रवाई की जा सकेगी। प्रमुख सचिव राजस्व अरुण पांडे ने राष्ट्रपति को अनुमति के लिए मामला भेजे जाने की पुष्टि की और बताया कि मामला विचाराधीन है। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति की अनुमति कारोबार (वृत्ति) से जुड़ा मामला होने की वजह जरूरी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here