सुंदरता का कोई निश्चित रंग रूप आकार नहीं होता ये साबित किया था “मेवेन मिस प्लस साइज़ इंडिया इवेंट ने”

0
175
मेवेन मिस प्लस साइज़
मेवेन मिस प्लस साइज़ इंडिया इवेंट- 2019

Beauty does not have a fixed color form shape

सुंदरता का कोई निश्चित रंग रूप आकार नहीं होता” इस वाक्य को सही

साबित करता हुआ प्लस साइज़ इवेंट जिसमें अनेकों शहर के लगभग 800 महिला

प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए ऑडिशन दिया ।

इनमे से सिर्फ़ 80 उत्कृष्ट ओवर वेट महिला प्रतिभागियों का चयन हुआ।

प्रतिभागी जो अपने सामान्य वज़न से अधिक वज़न होने पर भी अपना आत्म विश्वास बनाने

में सक्षम साबित हुए एवं समाज को एक गौरवपूर्ण संदेश देने की कोशिश कि की सिर्फ़ कम

वज़न व गोरा रंग ही सुंदरता ( Beauty Plus ) की पहचान नहीं हो सकता बल्कि समाज

के हर एक वर्ग की हर एक महिला को उसके आत्मविश्वास व निष्ठा के

अनुरूप उसकी कर्मणी तथा सुंदरता की पहचान मिलनी चाहिए।

सुंदर शब्द ही भेदभाव की लकीर खींच देता है की कौन सुंदर है और कौन नहीं।

लोगों के आत्मविश्वास को क्षति पहुँचाने के लिए ये अकेला शब्द ही काफ़ी है।

इसी उभरते भेदभाव और ऊँच नीच को देखते हुए हरदीप अरोरा(Hardeep Arora) ने

सुनियोजित तरीक़े से मेवेन प्रोडक्शन के साथ उनके दिशानिर्देशो का पालन करते हुए

इस बड़े कार्यक्रम को अंजाम तक पहुँचाया। ध्यान देने वाली बात यहाँ पर यह है

की इस तरह का प्रेरणादायी कार्यक्रम सम्पूर्ण भारत में अभी तक आयोजित नहीं किये गए है।

देश के अनेको शहर में ऑडिशन का संचालन किया गया।

इसमें देश के हर कोने से प्लस साइज़ या ओवर वेट महिला प्रतिभागियों ने जिस

तरह अपना रुझान दिखाया वह सराहनीय है। इस इवेंट का फ़ाइनल राउंड नई दिल्ली

में आयोजित हुआ जिसमें 80 महिला प्रतिभागियों में से 6 विजेता प्रतिभागी

क्षेत्र के आधार पर चयनित हुए। प्रथम स्थान आकांक्षा रॉय(Akanksha Roy) तथा

द्वितीय स्थान परनीति भल्ला(Parneeti Bhalla) ने हासिल किया।

इस भव्य कार्यक्रम में डेलनाज़ ईरानी और रीता गंगवानी मुख्य अतिथि के स्थान पर उपस्थित थे।

हरदीप अरोरा व मेवेन प्रोडक्शन(Maven Production) के इस एतिहासिक क़दम ने

समाज की उन महिलाओं का सशक्तिकरण किया जो एक मुख्य

धारा का हिस्सा बन ने से कही ना कही चूक रही थी।
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर इन्होंने जो अविश्मरणीय

कार्य किया उसकी सराहना के लिए हर शब्द तुच्छ प्रतीत होते है।

नितिन दुबे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here