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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया जम्मू दौरे को “विकसित भारत को समर्पित” नाम दिया गया, जो जम्मू और कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। इस दौरे को विकास की एक धारा माना जा रहा है, जिसमें लाखों लोगों ने देशभर से जुड़कर भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 20 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जो जम्मू और कश्मीर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर केंद्रित हैं। इन परियोजनाओं में सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक सुविधाएँ शामिल हैं, जिनका लक्ष्य क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है।

यह दौरा न केवल भौतिक निर्माण परियोजनाओं के बारे में था, बल्कि विकास के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी था। लाखों लोगों की भागीदारी इस बात का संकेत देती है कि जम्मू और कश्मीर के नागरिक इस बदलाव को अपनाने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में इस सपने को पूरा करने में सभी की भागीदारी पर जोर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विकास केवल सरकारी पहल नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदायों का सक्रिय योगदान भी महत्वपूर्ण है।

हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन परियोजनाओं का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा, लेकिन यह कदम निश्चित रूप से सकारात्मक दिशा में उठाया गया है। जम्मू और कश्मीर के लोगों की आशा है कि ये परियोजनाएँ न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेंगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार लाएँगी। विकास की यह लहर पूरे क्षेत्र में समृद्धि लाने का वादा करती है, जो न केवल जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

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