बढ़ रहा धारा तापमान जानिए Earth Warming किसे कहते हैं?

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Earth Warming
Earth Warming Know the temperature of the rising stream, what is called Earth Warming?

Earth Warming

दोस्तो अभी हाल ही में 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया।

इस बार इसकी थीम “Invest in our planet” रखी गयी।

बता दें कि धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है,

ऐसे में अगर उचित कदम न उठाए गए तो इस सदी के अंत तक धरती का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा।

Earth Warming (earth global warming ) को कम करने के लिए पूरा विश्व प्रयास कर रहा है।

Earth Warming किसे कहते हैं?

Earth वार्मिंग से आशय पृथ्वी के तापमान में वृद्धि से है।

(Global warming and Green House Effect)

इसको इस तरह समझा जा सकता है, हमारी धरती सूर्य की किरणों से ऊष्मा ग्रहण करती है,

ये किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुज़र कर आती हैं और पृथ्वी की सतह से टकराती हैं,

जहाँ से ये परावर्तित होकर वापस लौट जाती हैं। अब बात ये है कि पृथ्वी का वायुमंडल विभिन्न गैसों से मिलकर बना है।

जिनमें से ग्रीनहाउस गैसें भी हैं,

ये वायुमंडल में एक ऐसा आवरण बना लेती हैं कि परावर्तित होकर लौटती सूरज की किरणों

का कुछ भाग वापस नहीं जा पाता और वायुमंडल में ही रह जाता है, जिससे पृथ्वी का वातावरण गर्म रहता है।

लेकिन समस्या यह है कि ग्रीन हाउस गैस के बढ़ने से यह परत मोती होती जा रही है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है।

बता दें कि जीवित रहने के लिए कम से कम 16℃ तापमान होना चाहिए।

वर्ष 1880 के बाद से पृथ्वी के औसत तापमान में 1℃ कई वृद्धि दर्ज की गई है।

कारण –

ग्रीन हाउस गैसों में वृद्धि earth warming का महत्त्वपूर्ण कारण है।

वाहनों से उत्सर्जित होने वाली CO2 पर्यावरण के लिए बहुत खतरनाक है।

एक रिपोर्ट के अनुसार पृथ्वी का तापमान बढ़ने में सबसे ज्यादा योगदान कार्बन उत्सर्जन का है।

कॉस्मिक विकिरण का भी earth warming में अच्छा-खासा हाथ है।

प्रभाव –

Earth warming के प्रभाव बहुत ही खतरनाक है।

पृथ्वी का तापमान बढ़ने से ध्रुवों पर से बर्फ पिघलने का खतरा है।

बता दें कि विश्व के बहुत से ग्लेशियर इस के चलते पिघल रहे हैं।
Earth warming का असर जलवायु परिवर्तन में भी नज़र आते हैं।

जंगलों में आग लगना, सूखा पड़ना आदि इसी के कारण हो रहा है।

Earth warming कम करने के लिए बढ़ाये जा रहे कदम –

दोस्तो Earth warming कम करने के लिए देश-विदेश दोनों स्तरों ओर कार्य किया जा रहा है।

अगर भारत की बात करें तो वर्तमान में सरकार कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक विहिकल को प्रमोट कर रही है।

वहीं देश के 18 शहरों में मेट्रो होने से निजी वाहनों के प्रयोग में कुछ कमी आयी है।
इसके अलावा हम निजी स्तर पर भी इसे रोकने के लिए काम कर सकते हैं।

जैसे – वृक्ष लगाना, पानी बचाना, सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करना आदि।