हमीदिया हॉस्पिटल में कर्मचारी और जूनियर डॉक्टररो की चल रही है मनमानी

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Hamidia hospital
Staff refused to admit a patient simply because no one was with him.

मरीज लेकर पहुंची एंबुलेंस के कर्मियों से उलझे हमीदिया के कर्मचारी, डेढ़ घंटे बाद किया भर्ती

हमीदिया अस्पताल Hamidia hospital की आकस्मिक चिकित्सा इकाई में तैनात कर्मचारियों

की मरीजों के इलाज को लेकर संवेदनहीनता सामने आई है।
कर्मचारियों ने एक मरीज को सिर्फ इसलिए भर्ती करने से मना कर दिया कि उसके साथ कोई नहीं था।
कीचड़ में पड़े रहने की वजह से वह गंदा हो गया था। उसके हाथ-पैर भी सड़ गए थे।
उस मरीज को 108 एंबुलेंस से उसे हमीदिया पहुंचाया गया था।


एंबुलेंस के ड्राइवर सादाकत अली और ईएमटी साजिद खान के बार-बार आग्रह करने पर मरीज को डेढ़ घंटे की देरी से भर्ती किया गया।
यह पहली बार नहीं है जब हमीदिया अस्पताल में लावारिस मरीज को भर्ती करने से मना किया गया हो।


इसके पहले कई मामले इस तरह के आ चुके हैं।


प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक काटजू अस्पताल की एंबुलेंस को किलोल

पार्क के पास एक मरीज के पड़े होने की सूचना मिली थी।
एंबुलेंस से उसे दोपहर दो बजे के करीब हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके पहले ईएमटी ने मरीज का घाव ठीक से साफ कर उसे प्राथमिक इलाज दिया,
लेकिन हमीदिया के हेल्प डेस्क के कर्मचारी उसे वाहन से उतारने का तैयार नहीं थे।
108 एंबुलेंस के कर्मचारियों से उन्होंने जमकर विवाद किया और कहा कि लावारिस

मरीज को भर्ती कर लेंगे तो उसकी देखभाल कौन करेगा।
इस संबंध में जब हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डा. आशीष गोहिया से बात

की गई तो उन्‍होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।