केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे मेडिकल पाठ्यक्रम की पुस्तकों का विमोचन

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सीएम शिवराज ने शनिवार को न्यू मार्केट स्थित रोशनपुरा चौराहा पर एक दीप मेडिकल हिंदी पाठ्यक्रम के नाम प्रज्जवलित किया
सीएम शिवराज ने शनिवार को न्यू मार्केट स्थित रोशनपुरा चौराहा पर एक दीप मेडिकल हिंदी पाठ्यक्रम के नाम प्रज्जवलित किया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे मेडिकल पाठ्यक्रम की पुस्तकों का विमोचन

इसकी पूर्व संध्या पर सीएम शिवराज ने शनिवार को न्यू मार्केट स्थित रोशनपुरा चौराहा पर एक दीप मेडिकल हिंदी पाठ्यक्रम के नाम प्रज्जवलित किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि हिंदी माध्यम की शिक्षा कई विद्यार्थियों की जिंदगी में एक नया प्रकाश लेकर आएगी। कल का दिन मध्य प्रदेश और देश के लिए ऐतिहासिक दिन है। एक नया इतिहास रचा जाना है। प्रदेश सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटी हुई है। लाल परेड ग्राउंड (Lal Parade Ground) में रविवार 12 बजे कार्यक्रम का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील भी की।

देश में पहली बार मेडिकल कॉलेज में हिंदी भाषा (Hindi language in medical colleges) में पढ़ाई प्रारंभ करने की पहल से उत्साहित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि, राज्य में असंभव से दिखने वाले इस कार्य को संभव कर दिया गया है और सरकार हिंदी भाषा के और अधिक उपयोग पर जोर देगी।

आज एक आयोजन में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा में सीएम शिवराज ने कहा कि, राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष से संबंधित पाठ्यपुस्तकों को हिंदी में तैयार कर लिया है। जब हमने इसकी शुरूआत की थी, तब काफी लोगों ने इसे असंभव बताया था, लेकिन सरकार की विशेष टीम ने दिनरात एक कर इस कार्य को संभव कर दिया है। अभी पहले वर्ष की पुस्तकें तैयार हुयी हैं। अब द्वितीय, तृतीय और आगे के वर्षों के साथ ही स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम के लिए भी पुस्तकें तेजी से तैयार की जाएंगी।

हम भाषा विरोधी नहीं हैं
सीएम ने कहा कि यह जो मानसिकता है। अंग्रेजी मतलब हमको दूसरे से ऊपर और अलग ले जाती है। इस मानसिकता को बदलने का अभियान भी हमने चलाया है। और सभी विषयों की शिक्षा हिंदी में दी जाती है। सबसे ज्यादा कठिन मेडिकल में है। वह अपने करके दिखाया है। हम अंग्रेजी की गुलामी से मध्य प्रदेश को मुक्त कर रहे हैं। हम भाषा विरोधी नहीं है।