बिहार में फिरेंगे क्रिकेट के दिन, तैयारियों में जुटा बीसीए

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बीसीसीआई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से राज्य सरकार खुश पटना
बिहार में क्रिकेट की नई संभावनाएं दिखने लगी हैं। सूबे में मृतप्राय हो चुके क्रिकेट को धीरे-धीरे नया जीवन मिल रहा है। पिछले तीन महीने बिहार क्रिकेट के लिए काफी अच्छे माने गए हैं। इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को निर्देश दिया था कि अब बिहार की टीम को भी रणजी समेत अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स खेलने दिया जाए। बिहार क्रिकेट के 18 साल के वनवास के बाद यह खबर बिहार के क्रिकेटरों के लिए उम्मीदें बनकर सामने आई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बिहार के खिलाड़ियों के बीच एक बार फिर से बिहार में क्रिकेट का नया अध्याय शुरू होने की बात कही जा रही है। बिहार में बढ़ते क्रिकेट के माहौल को लेकर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव रविशंकर प्रसाद कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार क्रिकेट को लगा वनवास खत्म हो गया है। अब बीसीसीआई भी हमे सपोर्ट कर रही है।
बीसीसीआई अब यहां टूर्नामेंट भी करा रही है। साथ ही राज्य सरकार ने हमे अपना ग्राउंड देकर बिहार के क्रिकेटरों के भविष्य के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। हम बिहार में क्रिकेट को आगे बढ़ाने की जो लड़ाई लड़ रहे थे, उसमें अब हमे सफलता मिल रही है। अब हर को एक साथ मिलकर बिहार क्रिकेट को आगे ले जाने की बात कह रहा है। रणजी खेलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी और बीसीसीआई से बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता मिलने के बाद अब राज्य सरकार भी बिहार क्रिकेट को नई उचाइयों तक ले जाने के लिए अपने कदम आगे बढ़ा रही है। उसने बिहार के इकलौते अंतर्राष्ट्रीय ग्राउंड मोइनुल हक स्टेडियम को अब बीसीए के हवाले कर दिया है। ऐसे में अब मोइनुल हक़ स्टेडियम से जल्द ही सीआरपीएफ का कब्ज़ा हटेगा। रविशंकर प्रसाद बताते हैं कि इसी महीने यानी अप्रैल से स्टेडियम पूरी तरह से बीसीए के हवाले कर दिया गया। जल्द ही हम स्टेडियम को एक नया रूप देंगे। इंजीनियरों की टीम के साथ मिलकर जल्द ही नए रूप का नक्शा फाइनल किया जाएगा।
हालांकि जो भी काम होगा, वह फेज वाइज होगा, ताकि यहां खिलाड़ी क्रिकेट खेलते रहें। जल्द ही बड़े वन डे मैच और आईपीएल भी खेले जा सकते हैं। बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि अब बिहार से भी सचिन और कोहली जैसे खिलाड़ी निकल पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट से रणजी के लिए मान्यता मिलना बिहार के खिलड़ियों को नई उम्मीद देगा। रणजी खेलने की उम्मीद लगाए एक बिहारी खिलाड़ी प्रिंस सिंह ने बताया कि यहां क्रिकेट को लेकर राजनीति करने वालों की वजह से क्रिकेट का बड़ा नुकसान हुआ है। बिहार की प्रतिभाएं या तो दूसरे राज्य से क्रिकेट खेलने लगीं या उन्होंने अपना करियर ही क्रिकेट से अलग कर लिया। बिहार के राजगीर में भी वर्ल्ड क्लास स्टेडियम बनने वाला है, जिससे बिहार के क्रिकेटरों को काफी लाभ होगा।

 

 

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