भोपाल बीआरटीएस रुट पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं 24 किमी लंबे रुट में कट प्वाइंट पर नहीं लगाए गेट

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भोपाल बीआरटीएस रुट
भोपाल बीआरटीएस रुट
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(Bhopal )राजधानी में बस रैपिट ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) (BRTS)रुट पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुर्घटना की वजह बीआरटीएस रुट के कट प्वाइंट पर सभी जगह गेट नहीं लगाए जाने को बताया जा रहा है। सीहोर नाका से मिसरोद तक 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस कारीडोर में 54 कट प्वाइंट हैं।

गेट नहीं होने के कारण वाहन चालक अनजाने में कॉरीडोर के अंदर घुस जाते हैं।

यहां वाहन की रफ्तार ज्यादा होने से वाहन चालक वाहन पर नियंत्रण खोकर दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। यही नहीं यदि दूसरी तरह से अचानक वाहन आ जाए तो दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। मंगलवार-बुधवार रात 12.15 बजे बैरागढ़ में कारीडोर में कार घुस गई और दुर्घटना का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि यहां पर गेट नहीं लगाए गए थे।


(Bhopal) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) की बड़ी लापरवाही यह है कि कई जगह गेट तो हैं पर क्षतिग्रस्त हालत में हैं, जिनकी रिपेयरिंग नहीं कराई गई। सिटी बसें 10.30 बजे रात के बाद बंद हो जाती हैं। सुरक्षा के लिहाज से रात 11 से सुबह 6 बजे तक गेट बंद किया जाना चाहिए। ताकि निजी वाहन कारीडोर में प्रवेश न कर सकें। बता दें कि कारीडोर में निजी बस ऑपरेटरों को चलने की अनुमति दी गई है।

निगम आयुक्त विजय दत्ता ने सुरक्षा के लिहाज से विभिन्न समीक्षा बैठकों में निर्देश दिए थे कि कॉरीडोर में पर्याप्त रेडियम लाइट और संकेतक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसका जिम्मा निगम के यांत्रिकी शाखा को दिया गया था। लेकिन अब तक काम ही शुरू नहीं हो पाया। बस संचालन की मॉनिटरिंग के लिए कट प्वाइंटों पर ट्रैफिक वार्डन भी तैनात किए थे।

रात में गेट बंद करना अनिवार्य किया गया था।

बीसीएलएल के तत्कालीन सीईओ संजय कुमार ने ट्रैफिक वार्डन को आदेश दिए थे कि वे अन्य वाहन चालकों को कॉरीडोर के अंदर जाने से रोकें। यदि इसके बाद भी कोई वाहन चालक नहीं मानता है तो उसकी फोटो और वीडियो बनाकर स्मार्ट सिटी कंपनी के आईटीएमएस कार्यालय को भेजें। आईटीएमएस द्वारा संबंधित वाहन चालक के विरुद्घ चालानी कार्रवाई की जाएगी। बीआरटीएस कॉरीडोर में दुर्घटनाओं को रोकने व निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है।

कैमरों को आईटीएमएस से लिंक किया जाएगा।

बैरागढ़ क्षेत्र से इसकी शुरुआत करने की तैयारी है। कैमरे लगने के बाद कॉरीडोर में प्रवेश करने वाले निजी वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई हो सकेगी। स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा कैमरे लगाने का काम होना है। इस बारे में बीसीएलएल के एडिशनल सीईओ राजेश राठौर का कहना है कि बैरागढ़ क्षेत्र में कार हादसे की जानकारी ली है, हमारे ट्रैफिक वार्डन ने गेट बंद किया था। गाड़ी रेलिंग तोड़ते हुए कारीडोर में घुसी है। बीआरटीएस के कट प्वाइंट में ट्रैफिक वार्डन की तैनाती की गई है। रात में गेट बंद किया जाता है। आदेश का पालन नहीं करने पर ट्रैफिक वार्डन को हटाया भी जा चुका है।

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