महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने के बाद कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति को घेरा

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प्रशांत भूषण ने भी लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस समेत सात विपक्षी दलों के महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उनके इस फैसले पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस ने कहा कि इस फैसले पर कानून के जानकारों से राय ली जाएगी। उधर बीजेपी ने कहा है कि महाभियोग प्रस्ताव कांग्रेस का राजनीति से प्रेरित कदम था। कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा, हमें नहीं पता कि प्रस्ताव क्यों खारिज किया गया। पार्टी कानूनी जानकारी लेने के बाद आगे कदम उठाएगी। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, उपराष्ट्रपति ने जो कदम उठाया है, वह उम्मीद के मुताबकि नहीं है। उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा सिर्फ एक दिन में कर देंगे। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, महाभियोग प्रस्ताव 50 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ संवैधानिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन करते हुए लाया गया था। राज्यसभा सभापति को प्रस्ताव खारिज करने का अधिकार नहीं है। लोकतांत्रिक ताकतों को कमजोर करने वालों के खिलाफ यह लोकतंत्र बचाने वालों का संघर्ष है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, नायडू ने चीफ जस्टिस के खिलाफ 64 सांसदों के हस्ताक्षर होने के बाद भी महाभियोग प्रस्ताव खारिज कर दिया है। यह उन्होंने किस आधार पर किया? उन्हें यह कहने का अधिकार नहीं है कि आरोपों के पीछे तथ्य नहीं हैं। आरोपों की जांच करना तीन जजों की कमेटी के अधिकार का विषय है। उन्हें सिर्फ यह देखना था कि प्रस्ताव पर जरूरी 50 सांसदों के हस्ताक्षर हैं या नहीं। उनका फैसला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। चीफ जस्टिस को बचाने के लिए मोदी सरकार दबाव में काम कर रही है। बता दें कि प्रशांत भूषण चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा चुके हैं।

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