लगातार बढ़ते पेट्रोल और डीज़ल के दाम, जनता परेशान

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जीएसटी के दायरे में आने के बाद पेट्रोल और डीज़ल के दामों में हो सकती है कमी

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजो के बाद से लगातार पुरे देश में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी की जा रहीं हैं जिसकी मार आम आदमी की जेब पर पड़ रहा हैं। राजधानी भोपाल में पेट्रोल 83.59 रुपए प्रति लीटर पहुंच चूका हैं वही डीज़ल 72.52 रुपए प्रति लीटर हो चूका हैं। ऐसे में आम जनता की जेब पर भरी मार पड़ रहीं हैं।

बता दे की महाराष्ट्र के बाद अब मध्यप्रदेश भी पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए सहमत हो गया है। अगर ऐसा होता हैं तो पेट्रोल और डीज़ल के दामों में भरी गिरावट हो सकती हैं। हालही में कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सबसे पहले पेट्रोल-डीजल के दामों को कम करने और जीएसटी लगाने की वकालत की थी। इसके बाद अब मध्य प्रदेश भी इस बारे में सोच रहा हैं। लेकिन ऐसा करने के लिए सभी राज्यों से राजा मंदी होना ज़रूरी हैं।

पेट्रोल पर करीब 41 फीसदी लगता हैं टैक्स

पेट्रोल 83 रुपए 59 पैसे प्रति लीटर कीमत। केंद्र सरकार 19.48 रुपए एक्साइज ड्यूटी लेती है। राज्य सरकार तीन तरह के टैक्स वसूलती है। 28 प्रतिशत वैट, एक प्रतिशत सैस और 4 रुपए प्रति लीटर एडिशनल टैक्स। लगभग कुल 21 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर। इस तरह दोनों सरकारें 41 रुपए 69 पैसे एक लीटर पेट्रोल से टैक्स वसूलती हैं।

डीज़ल पर लगता हैं करीब 32 रुपए टैक्स

डीजल 72 रुपए 52 पैसे प्रति लीटर। केंद्र 15.33 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लेता है। मप्र 22 प्रतिशत वैट और एक प्रतिशत सेस के साथ 15 रुपए 97 पैसे टैक्स लेती है। दोनों सरकार लगभग 31 रुपए 98 पैसे टैक्स वसूलती हैं।

अगर जीएसटी लागू हो जाए तो

पेट्रोल-डीजल को यदि जीएसटी के दायरे में ले आएं तो ईंधन की कीमत में भारी कटौती हो सकती है। जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत है। यदि पेट्रोल-डीजल पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाया जाए तो पेट्रोल-डीजल की कीमत 50 रुपए के आसपास आ जाएगी