चौथी बार फिर शिवराज -मप्र के इतिहास में ऐसे पहले नेता होंगे

0
11
मप्र में चौथी बार सीएम बनने वाले पहले नेता

जो चौथी बार सीएम बने

शिवराज 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल रह चुके हैं सीएम

=


Bhopal news updates शिवराज सिंह चौहान मप्र के 32वें मुख्यमंत्री (32nd Chief Minister of Madhya Pradesh) बनें। सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कोरोना के कारण शपथ ग्रहण समारोह में कुछ ही लोग शामिल हुए। इससे पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। जहां उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया।
सोमवार शाम 6 बजे विधायक दल की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक विनय सहस्त्रबुद्धे और अरुण सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। गोपाल भार्गव ने शिवराज के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद अन्य नेताओं ने इसका अनुमोदन किया। सभी ने शिवराज के नाम पर सहमति जताई। पर्यवेक्षकों ने इस निर्णय पर मुहर लगाई और बताया कि अब पार्टी राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा करेगी। पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से यह चुनाव किया गया।

मप्र में चौथी बार सीएम बनने वाले पहले नेता


शिवराज सिंह चौहान मप्र के इतिहास में पहले नेता हैं जिन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार सीएम रहे हैं।
चुनौतीपूर्ण समय में मिला दायित्व- शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने विधायक दल की बैठक में कहा- मेरे लिए आज बहुत भावुक पल हैं। भाजपा मेरी मां है और मैं मां के दूध की लाज रखने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। जाने वाली सरकार सब तबाह करके गई है। शासन करने की शैली में भी अब परिवर्तन किया जाएगा। काम बोलेगा, हम मिलकर काम करेंगे। जनकल्याण का नया इतिहास रचेंगे। यह उत्सव का समय नहीं है। परिस्थितियां हमें इजाजत नहीं देती। कोरोना के संकट को समाप्त करना है। तत्काल हमें काम पर जुटना है। जो भावनाएं मोेदीजी ने प्रकट की है, उन भावनाओं से हमें जुड़ना है। संक्रमण की चेन को हमें तोड़ना है। कोई उत्साह, उत्सव और समारोह नहीं होगा। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मैं अपने कार्यालय जाऊंगा कोरोना से लड़ने की योजना बनाने के लिए। इस महामारी से निपटना है।
शिवराज के संकटमोचक बने तोमर

सूत्र बताते हैं शिवराज को मुख्यमंत्री बनाने में नरेंद्र सिंह तोमर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बताया जाता है कि सीएम बनने के लिए कई दावेदार थे। ऐसे में तोमर ने आलाकमान के सामने शिवराज के नाम को आगे बढ़ाया। गौरतलब है कि भाजपा में शिवराज और तोमर के करीब 85 विधायक हैं।

बचपन से ही राजनीति में रही दिलचस्पी


मप्र के लगातार चौथी बार मख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च, 1959 को सीहोर जिले के जैतगांव में हुआ। शिवराज सिंह चौहान का जन्म बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था जिसके कारण बचपन से ही उन्हें संघर्षों का सामना करना पड़ा। बचपन से ही शिवराज को राजनीति में काफी दिलचस्पी रही, साल 1975 में उन्हें मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल के छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में चुना गया। शिवराज सबकी नजरों में तब आए जब उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार के आपातकाल का विरोध किया जिसके लिए साल 1976-77 में वो भोपाल जेल में बंद रहे। इसके साथ ही उन्होंने कई आंदोलन किए और कई बार जेल भी गए।

ऐसे शुरू हुआ राजनैतिक जीवन


शिवराज साल 1972 में आरएसएस से जुड़े। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से लंबे समय तक जुड़े रहे। वे पहली बार 1990 में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। वे पांच बार लोकसभा सांसद रहे हैं और लोकसभा की कई समितियों में भी रहे। चौहान 2000 से 2003 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। साल 2005 में इन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। 29 नवंबर, 2005 में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और तीन बार चुनाव जीत कर वो इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब चौथी बार मुख्यमंत्री बने हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here