Breaking News -सदाबाहर मुस्कुराने वाले डीन जोंस(Dean Jones) नहीं रहे

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डीन जोंस
सदाबाहर मुस्कुराने वाले

Breaking News -स्टार इंडिया ने एक बयान जारी कर बताया, बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि डीन मार्विन जोंस (Dean Jones)एएम का अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बयान में लिखा है, हम उनके परिवार के साथ सांत्वना व्यक्त करते हैं और इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। हम आस्ट्रेलियाई उच्च आयुक्त से उचित व्यवस्था के लिए संबंध में संपर्क में बने हुए हैं।

स्टार इंडिया ने कहा है कि जोंस खेल के एक सच्चे राजदूत थे। बयान में कहा गया है, वह नई प्रतिभा को खोजने और युवा क्रिकेटरों को तराशाने के लिए जुनूनी थे। वह एक शानदार कॉमेंटेटर थे जिनकी मौजूदगी करोड़ों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आती थी। स्टार और पूरे विश्व में उनके प्रशंसक उन्हें याद करेंगे।

प्रोफेसर डीन (Professor Dean)के नाम से मशहूर जोंस को एक जिंदादिल इंसान के तौर पर जाना जाता था। वह हमेशा हंसते मुस्कुराते रहते थे। मेलबर्न में जन्म लेने वाले जोंस ने 16 मार्च को 1984 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। दो साल बाद 1984 में 30 जनवरी को उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एडिलेड में वनडे पदार्पण किया था।

जोंस ने आस्ट्रेलिया के लिए 52 टेस्ट मैच खेले और 46.55 की औसत से 3631 रन बनाए। जोंस ने अपने टेस्ट करियर में 11 शतक और 14 अर्धशतक लगाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 216 रहा जो उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1989 में एडिलेड में ही बनाया था। अपने करियर में उन्होंने दो दोहरे शतक जमाए। आस्ट्रेलिया के लिए जोंस ने 164 वनडे मैच भी खेले और 44.61 की औसत से 6068 रन बनाए। वनडे में उन्होंने सात शतक और 46 अर्धशतक लगाए।

वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर 145 है। यह स्कोर उन्होंने 16 दिसंबर 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्बेन में बनाया था। क्रिकेट के मैदान के बाद जोंस ने एक पेशेवर कॉमेंटेटर के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। वह कई बड़े टूर्नामेंट्स में अपनी आवाज से लोगों के खेल के बारे में बताते रहे थे। खेल के विश्लेष्णात्मक पहलू पर भी उनकी का पैनी नजर थी।

उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 8 सितंबर 1992 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। छह अप्रैल 1994 में केप टाउन में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। जोंस उस आस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा थे जिसने 1987 में पहली बार विश्व कप जीता था। 1989 में एशेज सीरीज जीतने वाली आस्ट्रेलियाई टीम में भी वह शामिल थे। जोंस उस आस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने आस्ट्रेलिया की एक अलग पहचान जमाने की शुरुआत की थी और बाद में वह तकरीबन डेढ़ दशक तक विश्व क्रिकेट पर राज कर सकी। वह पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद फ्रेंचाइजी के कोच भी रह चुके हैं।

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