कठुआ रेप और मर्डर केस में पठानकोट कोर्ट ने सुनाया फैसला, 6 आरोपी दोषी करार

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6 आरोपी दोषी करार

8 साल की मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या करने के आरोप में कुल 7 आरोपियों में से 6 आरोपी दोषी करार


आरोपियों में एक नाबालिग भी था शामिल हालही में जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप केस में एक नया मोड़ सामने आया है | इस मामले को लेकर पठानकोट सेशंस कोर्ट द्वारा फैसला सुना दिया गया है | 8 साल की मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या करने के आरोप को लेकर कुल 7 आरोपियों में से 6 आरोपीयों को दोषी करार दिया गया है | इन आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल था |

कठुआ में 8 साल की बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले की जांच को लेकर पुलिस द्वारा कहा गया था कि आरोपियों में से एक सांझी राम ने हत्या की बात कबूल ली है | पूछताछ के दौरान उसने बता दिया है कि उसे बच्ची के अपहरण के चार दिनों बाद बलात्कार की बात पता चली और बलात्कार में अपने बेटे के भी शामिल होने का मालूम चला था | इसके बाद उसने बच्ची की हत्या करने का निर्णय लिया था |

इसके तहत जांचकर्ताओं के अनुसार, 10 जनवरी को अपह्रत बच्ची से उसी दिन सबसे पहले सांझी राम के नाबालिग भतीजे ने बलात्कार किया था |

सांझी राम को इस घटना की जानकारी 13 जनवरी को प्राप्त हुई थी | जब उसके भतीजे ने अपना गुनाह कबूल किया | तब सांझी राम द्वारा जांचकर्ताओं को बताया गया था कि उसने ‘देवीस्थान ‘में पूजा की थी और अपने भतीजे को घर प्रसाद ले जाने को कहा था, लेकिन वह देर करता रहा | इससे गुस्से में उसे पीट दिया | पिटने के बाद नाबालिग ने सोचा कि शायद उसके चाचा को लड़की से रेप करने की बात पता चल गई है और उसने खुद ही सारी बात कबूल कर ली |

नाबालिग ने अपने चचेरे भाई विशाल (सांझी राम का बेटा) को भी इस मामले में फंसाया और कहा कि दोनों ने मंदिर के अंदर बच्ची से बलात्कार किया |

यह जानने के बाद सांझी राम ने तय किया कि बच्ची को मार दिया जाना चाहिए, जिससे वह अपने बेटे तक पहुंचने वाले हर सुराग को मिटा सके | इसके बाद 14 जनवरी को सांझी राम ने बच्ची की हत्या कर दी थी | वह बच्ची को मारने के बाद उसे हीरानगर नहर में फेंकना चाहता था, लेकिन वाहन का इंतजाम नहीं होने की वजह से उसे उसी ‘देवीस्थान’ में वापस ले आया जिसका सांझी राम सेवादार था |

बाद में बच्ची का शव 17 जनवरी को जंगल से बरामद किया गया | जांचकर्ताओं के अनुसार, सांझी राम ने अपने भतीजे को जुर्म स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया था | लेकिन बेटे विशाल को इससे दूर रखा और उसे आश्वासन दिया था कि उसे रिमांड होम से जल्द बाहर निकाल लेगा | इस दिल दहला देने वाले हादसे को लेकर हालही में पठानकोट सेशंस कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया गया है कि 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है |

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