प्रधानमंत्री को पत्र लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है- स्टालिन

0
24
प्रधानमंत्री को पत्र लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है- स्टालिन

बिहार के मुजफ्फरपुर में 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

इसमें सभी लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाई गई है। प्राथमिकी की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा कि यह लोगों के मन में डर और संदेह पैदा करेगा कि क्या वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं?
विड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शनिवार को अश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सहिष्णुता और सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखने की मांग करते हुए पत्र लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है। उन्‍होंने कहा कि यह लोगों के मन में डर और संदेह पैदा करेगा कि क्या वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।

डीएमके नेता स्‍टालिन बिहार में एक पुलिस थाने में फिल्मकार मणिरत्नम, अभिनेत्री रेवती, कोंकड़ा सेन, श्‍याम बेनेगल और इतिहासकार रामचंद्र गुहा सहित 49 प्रसिद्ध हस्तियों पर दर्ज मामले के संदर्भ में यह बात कह रहे थे। इन लोगों ने देश में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) के मामलों पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।

स्टालिन ने प्रश्न किया, ‘धर्म निरपेक्षता और सहिष्णुता कायम रखने के लिए कहना देशद्रोह कैसे हो गया प्रधानमंत्री को पत्र लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है: स्टालिन

बिहार के मुजफ्फरपुर में 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

इसमें सभी लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाई गई है। प्राथमिकी की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा कि यह लोगों के मन में डर और संदेह पैदा करेगा कि क्या वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं?
विड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शनिवार को अश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सहिष्णुता और सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखने की मांग करते हुए पत्र लिखना देशद्रोह कैसे हो सकता है। उन्‍होंने कहा कि यह लोगों के मन में डर और संदेह पैदा करेगा कि क्या वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।

डीएमके नेता स्‍टालिन बिहार में एक पुलिस थाने में फिल्मकार मणिरत्नम, अभिनेत्री रेवती, कोंकड़ा सेन, श्‍याम बेनेगल और इतिहासकार रामचंद्र गुहा सहित 49 प्रसिद्ध हस्तियों पर दर्ज मामले के संदर्भ में यह बात कह रहे थे। इन लोगों ने देश में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) के मामलों पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।

स्टालिन ने प्रश्न किया, ‘धर्म निरपेक्षता और सहिष्णुता कायम रखने के लिए कहना देशद्रोह कैसे हो गया?’ डीएमके अध्यक्ष स्टालिन को गुहा, रेवती, मणिरत्नम और अन्य को देशद्रोही कहना स्वीकार्य नहीं है। प्राथमिकी की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा कि यह लोगों के मन में डर और संदेह पैदा करेगा कि क्या वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।

बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें सभी लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाई गई है। अधिवक्‍ता सुधीर कुमार के परिवाद पर मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी के आदेश पर दो अक्‍टूबर को यह एफआईआर दर्ज की गई। इसमें देशद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

डीएमके अध्यक्ष स्टालिन को गुहा, रेवती, मणिरत्नम और अन्य को देशद्रोही कहना स्वीकार्य नहीं है। प्राथमिकी की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा कि यह लोगों के मन में डर और संदेह पैदा करेगा कि क्या वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।

बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें सभी लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाई गई है। अधिवक्‍ता सुधीर कुमार के परिवाद पर मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी के आदेश पर दो अक्‍टूबर को यह एफआईआर दर्ज की गई। इसमें देशद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here