कोहली की तारीफ करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं – रवि शास्त्री

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                                            “दुनियाभर के बल्लेबाज हुए कोहली के मुरीद”
6 मैचों में 558 रन,3 शतक और बतौर कैप्टन वनडे सीरीज में साउथ अफ्रीका पर 5-1 जीत की शानदार उपलब्धि के बाद हर कोई कोहली का दीवाना हो गया है। इन्हीं दीवानों में एक नाम कोच रवि शास्त्री का भी है। टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रहे कोहली पर फिदा हैं। उनके पास टीम इंडिया के इस कैप्टन की तारीफ में कहने के लिए शब्द नहीं हैं। शास्त्री से कोहली को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका सुझाव था कि उनकी तारीफ के लिए अब नई डिक्शनरी खरीदे जाने की जरूरत है। विराट के इस शानदार परफॉर्मेंस से गदगद टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि विराट की उपलब्धियों से उनके पास मौजूद सारे विशेषण अब छोटे लगने लगे हैं। लोगों को उनकी तारीफ में कुछ नए शब्द ढूंढने होंगे। शास्त्री ने कहा कि अब उन पर (विराट) लिखने के लिए कुछ नए शब्द ढूंढने रहा हूं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि अगर मैं उनकी जगह होता, तो अगले दिन आपको बुक शॉप पर नई डिक्शनरी खरीदते हुए दिखता। रवि शास्त्री का मानना है कि अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से विराट कोहली वर्तमान समय में ‘दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज’ बन गए हैं। कोहली के अलावा जो रूट,केन विलियम्सन और स्टीवन स्मिथ को वर्तमान समय का दुनिया के चोटी के चार बल्लेबाजों में आंका जाता है, लेकिन शास्त्री का मानना है कि भारतीय कप्तान का कोई सानी नहीं है। कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ छह वनडे मैचों की सीरीज में 558 रन बनाए,जिससे भारत ने इसमें 5-1 से जीत दर्ज की।
शास्त्री ने कहा, यह केवल औसत से जुड़ा मसला नहीं है। यह आप जिस तरह से रन बनाते हो और इनसे टीम पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ा है। मैं यही कहूंगा कि अभी वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है। शास्त्री ने कोहली की तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और टीम में जीत का जज्बा भरने का श्रेय कप्तान को दिया। उन्होंने कहा आप जज्बे की बात करते हो। जज्बा कहां से आता है। जब आपके पास इस तरह का नेतृत्वकर्ता हो, जो कि खुद आगे बढ़कर नेतृत्व करता हो तो अन्य खिलाड़ी अच्छी तरह से उसका अनुसरण करते हैं। इस दौरे में शास्त्री के लिए सबसे अच्छा दौर टीम का टेस्ट सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करना रहा। उन्होंने कहा,यहां तक कि टेस्ट सीरीज में 2 मैच गंवाने के बाद उन्होंने जज्बा दिखाया और जोहानिसबर्ग में मुश्किल परिस्थितियों में टेस्ट मैच जीता। इसके बाद वनडे में भी लय बरकरार रखी। पिछले दो सप्ताह में जो निरंतरता दिखाई वह लाजवाब है।’
शास्त्री ने कहा, ‘सारा श्रेय कप्तान को जाता है क्योंकि उन्होंने आगे बढ़कर नेतृत्व किया। पहले अपनी बल्लेबाजी से और फिर अपने जज्बे से जिससे टीम के अन्य सदस्य भी प्रेरित हुए। कोच ने कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की भी तारीफ की जिन्होंने बीच के ओवरों में विकेट हासिल किए। शास्त्री ने कहा, ‘यहां तक कि मेरे पिछले कार्यकाल (टीम निदेशक) के दौरान भी मैं और विराट हमेशा बीच के ओवरों में विकेट हासिल करने को लेकर चर्चा करते थे। हम इसके लिए सही तरह के गेंदबाजों को चाहते थे और सौभाग्य से कुलदीप और चहल ने एक दूसरे का अच्छा साथ दिया।’ उन्होंने जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की और उन्हें सभी प्रारूपों के लिए विश्वस्तरीय गेंदबाज करार दिया। शास्त्री ने कहा, ‘बुमराह सभी प्रारूपों में विश्वस्तरीय गेंदबाज है और उसने बहुत जल्दी परिपक्वता हासिल की। आप कल्पना नहीं कर सकते कि उसने केपटाउन में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।’ कोच इसके साथ ही लगता है कि विश्व कप के लिए तैयारियों से भी संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘वर्ल्ड कप के लिए तैयारियां बहुत अच्छी हैं क्योंकि यह एक समय में एक कदम आगे बढ़ना है। हमने इस दौरे में कुछ अच्छी चीजें सीखी। यह युवा टीम है और इसे आगे कड़े दौरों पर जाना है। मुझे लगता है कि इस दौरे पर उन्होंने खुद को अच्छी तरह से तैयार किया है।’

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