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राहुल गांधी का राफेल डील को लेकर लगातार पीएम पर वार

National News – अविश्वास प्रस्ताव चर्चा के दौरान अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे की बात की थी। जिसके बाद से राफेल सौदे को लेकर काफी हंगामा हो रहा हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी लगातार पीएम मोदी पर राफेल सौदे को लेकर हमला बोल रहें हैं। राहुल गांधी ने एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर पीएम के ख़िलाफ़ निशाना साधा हैं। उन्होंने आरोप लगाया की कि इस सौदे की बागडोर अपने हाथों में रखने के लिए प्रधानमंत्री ने चार साल में चार रक्षा मंत्री बदले। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा की 2014 से भारत में चार रक्षा मंत्री बनाए गए। अब हमें इसकी वजह पता चली है।

इससे प्रधानमंत्री को फ्रांस के साथ राफेल सौदे की बातचीत खुद करने का मौका मिला।” राहुल गांधी ने कहा, “पिछले चार साल में भारत के चार ‘राफेल मंत्री’ रहे हैं, लेकिन एक को भी यह नहीं पता कि फ्रांस में क्या हुआ? केवल प्रधानमंत्री को ही पता है, लेकिन वह चुप्पी साधे हैं।” बता दे की कांग्रेस ने लोकसभा में मंगलवार को पीएम मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। संसद के दोनों सदनों में बुधवार को भी इस मसले पर हंगामा होने के आसार हैं।

स्पीकर सुमित्रा महाजन को लिखी चिट्ठी

कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पीकर सुमित्रा महाजन को लिखी चिट्ठी में कहा है कि फ्रांस के साथ राफेल विमान सौदे में गोपनीयता संबंधी शर्त को लेकर मोदी सरकार ने संसद में झूठ बोलकर देश को गुमराह किया। खड़गे ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने 20 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव चर्चा के दौरान जवाब में कहा था कि राफेल की कीमतों का खुलासा नहीं किया जा सकता है क्योंकि ऐसा करना देशहित में नहीं है। प्रधानमंत्री ने सौदे में पारदर्शिता का भी दावा किया। रक्षा मंत्री ने भी उसी दिन 2008 के गोपनीयता के समझौते का हवाला देते हुए विमानों की कीमत बताने से इनकार कर दिया था।

भाजपा ने दी सफाई

राफेल डील को लेकर उठे सवालों पर भाजपा ने अपनी सफाई दी हैं। और कांग्रेस के आरोपों को नकार दिया। 2011 में कांग्रेस के शासन में हुई डील में एक राफेल जेट की कीमत 813 करोड़ रुपए रखी गई थी। 2016 में हमारी सरकार के दौरान हुए समझौते में इसकी कीमत 739 करोड़ रुपए तय हुई। जो यूपीए सरकार की कुल कीमत से 9% कम है। हर विमान पर 67 करोड़ रुपए की बचत होगी। ऐसा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को बताया।

 

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