Mufti-e-Malwa Hazrat Maulana
Indian cricketer Irfan Pathan mourns

Mufti-e-Malwa Hazrat Maulana

मुफ़्ती-ए-मालवा हज़रत मौलाना वलीउल्लाह नदवी साहब के इंतक़ाल से शहर में गमगीन माहौल है।

भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान और शहर की विभिन्न संस्थाओं समेत कई समाज प्रमुखों, नेताओं,मज़हबी शख्सियतों एवं धार्मिक गुरुओं ने उनके इंतक़ाल पर ग़म का इज़हार (शोक प्रकट) किया है और उनके निधन को मुल्क और समाज व अध्यात्म जगत के लिए बड़ा नुकसान बताया।

लॉक डाउन के चलते ऑडियो और व्हाट्सअप पर मैसेज के ज़रिए गम का इज़हार किया गया।

मुफ़्ती जुनैद फलाही ने दुख ज़ाहिर करते हुए कहा शहर इंदौर के लिए मुफ़्ती-ए-मालवा वलीउल्लाह सिद्दीकी साहब एक नेमत बनकर तशरीफ़ लाये। वे 56 साल तक सिर्फ मस्जिद के इमाम नहीं रहे बल्कि शहर की एक बावक़ार साहिबे निस्बत शख़्सियत भी थे।

आप इल्म दोस्त भी थे और इल्म नवाज़ भी।किसी मौज़ू पर मुकम्मल तक़रीर करते थे। उन्होंने जिस ख़ामोशी और बेनियाज़ी के साथ इमामत की वह एक बड़ा सबक़ है।

वह खामोश मिजाज़ ज़रूर थे लेकिन जब कोई मौका आता था तो अपनी राय ज़रूर देते थे और हक़ बात कहने से गुरेज़ नहीं करते थे।

भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान जो 2017 में इंदौर आये थे तो रानीपुरा कच्ची मस्जिद भी पहुंचे थे और मुफ़्ती साहब से मुलाक़ात कर बहुत प्रभावित हुए थे।इरफान पठान ने ऑडियो सन्देश में कहा है मौलाना वलीउल्लाह साहब का इंतक़ाल का सुनकर बड़ा ही दुख हुआ,अल्लाह उन्हें जन्नत नसीब करे।

हिंदुस्तान की मशहूर शख्सियत शेखुल हदीस हजरत मौलाना मुफ्ती ज़ियाऊललाह साहब कासमी ने कहा मुफ़्ती साहब चाँद और सूरज की तरह थे,सभी को बराबरी से उजाला देने का काम किया।उनसे शहर चमकता था।

दौलतगंज एकता पंचायत के जयप्रकाश वर्मा ने अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा मौलाना वलीउल्लाह नदवी साहब ने दौलतगंज के हिन्दू-मुस्लिम को गले मिलाने का काम किया।

दौलतगंज एकता पंचायत व चम्पाबाग अमन कमेटी के प्रमुख हाजी सिराज भाई जालीवाला ने कहा मौलाना साहब दौलतगंज एकता पंचायत की बुनियाद थे।उन्होंने गीता भवन के ट्रस्टी एनएम व्यास के साथ मिलकर साम्प्रदायिक सौहार्द को मजबूत किया

नेताजी सुभाष मंच व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष मदन परमालिया ने शोक संदेश में कहा मौलाना वलीउल्लाह नदवी साहब बड़े समाज-सुधारक एवं वतन से मोहब्बत का पैगाम देते थे और बताते थे कि कैसे बेहतर नागरिक और इंसान बने।

देश के बड़े आलिम-ए-दीन थे। मौलाना के इंतकाल पर गम की लहर दौड़ गयी है। व्यक्तिगत तौर पर मैं खुद एवं पूरा परिवार काफी गमगीन है।

उनके जाने से इस मुल्क और समाज का जो नुक़सान हुआ उसकी भरपाई कभी मुमकिन नहीं अल्लाह उन्हें जन्नतुल फिरदौस मे आला मुकाम अता फरमाये।

सर्वधर्म एकता संघ के मंज़ूर बेग ने मुफ़्ती वलीउल्लाह नदवी साहब के योगदान को याद करते हुए उनके इंतक़ाल से मानवीयता की अपूरणीय क्षति हुई है।अमन-चैन के पैरोकार के रूप में हमने एक बड़ी शख्सियत को खो दिया। वे अल्पसंख्यकों के साथ सर्वधर्म के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील रहे।

साहित्यकार एवं पं. डॉ. भरत कुमार ओझा ‘भानु’ ने कहा मुफ़्ती साहब क़ुरआन के बड़े ज्ञानी थे। हमेशा अनुशासन को प्राथमिकता देते थे। वे सादा जीवन एवं उच्च विचार के व्यक्तित्व थे। जीवन पर्यंत वे मूल्य और सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहे। कभी समझौता नहीं किया। उनका निधन प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है।



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