धमाकों से दहला श्रीलंका, 200 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका

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200 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका

7 संदिग्ध गिरफ्तार, कर्फ्यू की घोषणा


दुनिया भर के देशों की तरह श्रीलंका के चर्चों में भी रविवार को ईस्टर के अवसर पर ईसाई समुदाय के लोग प्रभु ईसा मसीह की याद में इकट्ठा हुए थे। ईस्टर संडे को ईसा मसीह पुनर्जीवित हुए थे, लेकिन आतंकियों ने इसी पवित्र दिन को खूनी खेल खेलने के लिए चुना। सुबह लगभग पौने नौ बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक आतंकियों ने 8 सीरियल बम ब्लास्ट कर श्रीलंका को दहला दिया। जिसमें अब तक 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। अब तक किसी आतंकी संगठन या समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

आतंकियों ने करीब सुबह के पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के चर्च में धमाके किए। इन धमाकों के बाद द्वीपीय देश में अफरा-तफरी मच गई। यीशु की दिव्यात्मा को याद करते लोग अपनों के चिथड़े उड़ते देख अचेत रह गए।

द्वीपीय देश में प्रशासन जब तक इस अफरातफरी के बीच बचाव अभियान चलाता तीन 5 सितारा होटलों में भी धमाकों की खबरें आने लगीं।

आतंकियों ने शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी होटलों को निशाना बनाते हुए धमाके किए। इन बम धमाकों में 35 विदेशी लोग भी मारे गए हैं। ईस्टर संडे की खुशनुमा सुबह में उठे श्रीलंका की शाम खूनी मंजर में तब्दील हो गई। महज 6 घंटों में आतंकियों ने 200 से ज्यादा लोगों को बम धमाकों से मौत के घाट उतार दिया।


6 धमाकों के बाद प्रशासन अफरातरफरी के बीच किसी तरह बचाव में जुटा ही था कि चिड़ियाघर के सामने एक होटल में सातवें धमाके की खबर मिली। यही नहीं इसके कुछ देर बाद दोपहर करीब तीन बजे आतंकियों ने एक आवासीय परिसर में आठवां धमाका किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आत्मघाती बम विस्फोट था।

एक इमारत में पुलिसकर्मी जब जांच के लिए घुसे थे, उसी दौरान आतंकियों ने खुद को बम विस्फोट से उड़ा लिया, जिसमें 3 पुलिसकर्मी मारे गए।
इस बीच श्रीलंका के रक्षा मंत्री ने बम धमाकों से जुड़े 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिली है। करीब 2.15 करोड़ की आबादी वाले द्वीपीय देश के उप-परिवहन मंत्री ने भी धमाकों में अब तक 207 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।

ईस्टर के मौके पर एक के बाद हुए आठ बम धमाकों ने श्रीलंका को तो हिलाकर रख ही दिया! इस घटना से पूरा विश्व स्तब्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को लेकर श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से फोन पर बात की और संवेदना जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा भारत श्रीलंका के साथ है। धार्मिक उत्सव के दौरान धार्मिक स्थलों पर हुए इन सीरियल ब्लास्ट्स की प्रधानमंत्री मोदी ने कड़ी निंदा की।

धमाकों को पूर्व नियोजित और बर्बरतापूर्ण कृत्य करार देते हुए उन्होंने कहा कि ये हमले हमारे क्षेत्र और पूरी दुनिया में मानवता के सामने आतंकवाद द्वारा दी गई गंभीर चुनौती की स्मृति हैं। प्रधानमंत्री ने श्रीलंका को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दोहराया। इसके साथ ही उन्होंने घायलों की स्थिति जल्द बेहतर होने की कामना की।

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