अल्सर किन कारण से होता है,घरेलू उपचार से कैसे करें ठीक?

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Ulcer
अल्सर किन कारण से होता है ? घरेलू उपचार से कैसे करें ठीक ?

क्या है यह अल्सर

अल्सर एक तरह की बीमारी है जो कि आंतों को अंदुरनी सतह पर विकसित होकर परेशानी खड़ी कर सकती है

यहाँ तक कि जिससे पेट समन्धित कई बीमारी हो जाती है

अगर समय रहते इसका इलाज ठीक नही हुआ तो बड़ी बीमारी का रूप धारण कर लेती है।

पेप्टिक अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर अमाशय या छोटी आंत के ऊपरी हिस्से मे रहता है।

यह उस वक़्त विकसित होता है, जब भोजन पचाने वाला अम्ल अमाशय या

आंत की दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है। पेप्टिक अल्सर पेट या ड्यूडिनल में होता है।

यह दो प्रकार का होता है, पहला गैस्ट्रिक अल्सर और दूसरा ड्यूडिनल अल्सर।

जिस वजह से समय रहते अगर हम समझ सकें कि इस बीमारी

की समस्या होना शुरू हो गई है तो हम जल्दी ही इसका घरेलू इलाज भी कर सकते है।

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किस वजह से अल्सर को समस्या हो जाती है खड़ी

आज के समय मे हम जितना बाहरी चीजों पर ध्यान दे लेते है लेकिन अंदर की परेशानी को दूर करने में पीछे कैसे रह जाते है।

जिस वजह से यह परेशानी हमे चुनोती देने खड़ी हो जाती है।

हालांकि इसका प्रमुख कारण पेट में एसिड बढ़ना, चाय, कॉफी, सिगरेट व शराब आदि का अधिक सेवन है।

इसके अलावा ज्यादा खट्टी, मसालेदार और गर्म पदार्थ का सेवन करने से इस बीमारी की समस्या हो जाती है।

खान-पान के साथ ज्यादा डिप्रेशन, चिंता आदि चीजों से भी अल्सर का रोग हो जाता है।

इन लक्षणो से हम आसानी से पता कर सकते है आइये जाने

कैसे पहचाने लक्षण

1अल्सर का सबसे आसान लक्षण पता कर सकते है अगर एसिड हो रहा है

अगर इससे जलन महसूस हो रही है

इसका असर गले, दांत, सांस आदि पर पड़ने लगता है। इससे मुंह में छाले पड़ जाते हैं


2 अल्सर में मुख्य इन वजह से भी हो सकता है अगर पेट काफी समय से खाली हो जिससे दर्द बढ़ जाता है

3 मल मे खून आना या मल में अलग तरह का रंग निकलना। जिस कारण हो सकती है परेशानी

4 वजन का कम तेजी से होना। खाना खाने का मन कम हो जाना।

5 जी मिचलाना और खाने की बिल्कुल इच्छा न करना।

6 पेट मे भारीपन महसूस करना और सुबह के समय मितली,

गर्म चीज़ पीने से बचना चाहिए।सीने में जलन एवं की समस्या होना।

आइये जाने घरेलू उपचार:-

1 पत्ता गोबी एक बेहतरीन सब्जी है जिसकी मदद से पेट की इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है

लैक्टिक एसिड होने की वजह से पत्ता गोभी एमिनो एसिड का उत्पादन होता है।

2 फलों में केला खाने से अल्सर को परेशानी कम हो जाती है।

क्योंकि केले में कई तरह के एंटीबैक्टीरियल कंपाउंड होते हैं

जो इस बीमारी को बढ़ने से रोकते हैं। केला गैस्ट्रिक

जूस की एसिडिटी को साफ़ करके सिस्टम की सुरक्षा करता है।

3 अल्सर से बचना है तो अत्यधिक  तेल, लाल मिर्च या जंकफूड

आदि जो बहुत मसालों से बनी है उससे कम से कम खाएं ।

4 साथ ही योगा व्यायाम, सुबह की सैर करने से जुड़ी समस्या कम हो जाती है

5 नारियल खाने से या नारियल का पानी पीने ठीक हो जाता है

क्योंकि नारियल पेट के अल्सर के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्यंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।

ये अल्सर के कारण होने वाले बैक्टीरिया को मारता है।

6 गाय का दूध सबसे पोष्टिक होता है जिससे कई बीमारी भी दूर होने लगती

गाय के दूध थोड़ी सी मात्रा में हल्दी डाल कर रोजाना पीने से परेशानी ठीक हो जाती है

7 बेल  का जूस या बेलपत्र को पीसकर इसे पानी मे घोलकर

बनाये गए सेवन से भी पेट मे अल्सर की समस्या खिड़ी नहीं हो पाती है।

8 शहद  में मौजूद ग्लूकोस ऑक्सिडेस एन्ज़ाइम हाइड्रोजेन पेरोक्साइड का उत्पादन करता है।

जिससे हानिकारक बैक्टीरिया मरने लगते हैं जिनके कारण अल्सर होता है।

इसके साथ ही ये पेट की लाइनिंग की सूजन और दर्द को दूर करता हैं।

शहद को रोजाना खाली पेट गर्म पीने से सुधार आ सकता है।

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