सारे जवाबों के साथ अनिल अंबानी ने राहुल गांधी को लिखा एक और पत्र

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Rafale Deal - Anil Ambani
राफेल सौदे को लेकर लिखा दूसरा पत्र

Anil Ambani – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर काफी समय से मोदी सरकार पर निशाना साधते आए हैं।

साथ ही अनिल अंबानी की कंपनी पर भी उन्होंने जमकर वार किया हैं। राहुल गांधी ने इस सौदे से अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया हैं। जिसके बाद अनिल अंबानी ने उन्हें पहले ही एक पत्र के द्वारा इसके सारे जवाब दिए थे। अनिल अंबानी ने राहुल को पहला पत्र 12 दिसंबर, 2017 को लिखा था। उस पत्र में उन्होंने तर्क दिया था कि रिलायंस समूह को यह सौदा इसलिए मिला क्योंकि उसके पास डिफेंस शिप बनाने का अनुभव था।

गौरतलब हैं की अनिल अंबानी ने अब राहुल को दूसरा पत्र भी लिख दिया हैं। ये पत्र लिखकर उन्होंने दावा किया है कि ‘कुछ निहित स्वार्थी तत्वों और कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वियों ने कांग्रेस को गलत जानकारी दी है तथा उसे गुमराह किया हैं।

पिछले हफ्ते राहुल गांधी को भेजे गए पत्र में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) के मुखिया अनिल अंबानी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए एक-एक आरोप का बिंदुवार जवाब दिया हैं।

पत्र में अनिल अंबानी ने अपने और कंपनी के ऊपर किए जा रहे हमलों पर गहरी पीड़ा का इजहार किया हैं।

अनिल अंबानी ने कहा, ‘राफेल लड़ाकू विमान का निर्माण रिलायंस या दसॉ रिलायंस के संयुक्त उद्यम द्वारा नहीं किया जा रहा। सभी 36 विमानों का 100 फीसदी निर्माण फ्रांस में किया जाएगा और फ्रांस से उनका भारत को निर्यात किया जाएगा।

अंबानी ने कहा, ‘हमारी भूमिका ऑफसेट निर्यात और अन्य निर्यात जवाबदेही तक सीमित हैं। इसमें BEL और DRDO जैसी सार्वजनिक कंपनियों के अलावा 100 से ज्यादा मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम (MSME) शामिल होंगे। इससे भारत की विनिर्माण क्षमता मजबूत होगी और यह खुद 2005 से यूपीए सरकार द्वारा चलाई जा रही ऑफसेट नीतियों के अनुरूप ही हैं।

वहीं इस से पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि एडीएजी समूह का लड़ाकू विमान निर्माण में कोई अनुभव न होने के बावजूद उसे 45,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया।

इसके जवाब में अनिल अंबानी ने कहा, ’36 राफेल विमानों के लिए भारत में खरीद जाने वाले एक रुपये के भी, एक भी कम्पोनेंट का निर्माण रिलायंस द्वारा नहीं किया जाएगा।

अनिल अंबानी ने कहा, ‘रक्षा मंत्रालय ने रिलायंस समूह की किसी भी कंपनी को 36 राफेल विमानों के बारे में कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया हैं। और यह कहना कि रिलायंस को हजारों करोड़ रुपये का फायदा होने जा रहा हैं। असल में कुछ निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलाई गई मनगढ़ंत परिकल्पना हैं। भारत सरकार के साथ हमारा कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ हैं।

 

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