विधानसभा चुनाव नज़दीक, लेकिन राज्य सरकार नहीं देना चाहती पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत

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Price Increase - Petrol & Diesel
लगातार बढ़ते दामों को लेकर आम जनता हो रहीं हैं परेशान

Petrol & Diesel – मध्यप्रदेश समेत देश भर में पेट्रोल और डीज़ल के दाम आसमान को छू रहें हैं।

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बात करें मध्यप्रदेश की तो पेट्रोल के दामों ने यहां लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। राजधानी भोपाल में पेट्रोल के दाम 84.26 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया हैं। वहीं डीज़ल के दाम 74.19 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया हैं।

हालांकि विधानसभा चुनाव भी अब नज़दीक हैं लेकिन राज्य सरकार इससे राहत देने के मूड में नहीं है। मप्र के वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल से वैट नहीं घटाएगी। जयंत मलैया ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर कहा कि इस पर केंद्र सरकार फैसला करेगी। अगले महीने बैठक है, उसमें यह विषय आ सकता है। वहीं दूसरी तरफ लगातार इन कीमतों की बढ़ोतरी को देखते हुए इसके विरोध में कांग्रेस आंदोलन की तैयारी करने लगी हैं।

मप्र जीएसटी के दायरे में लाने को तैयार

मप्र सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने को तैयार है। वित्त मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि मप्र इसके लिए तैयार है, लेकिन इसकी पहल केंद्र सरकार को करना है।

पिछले साल घटाया था वैट, हुआ नुक्सान

पिछले साल अक्टूबर में केंद्र सरकार के दबाव के बाद राज्य ने पेट्रोल से तीन प्रतिशत और डीजल से पांच प्रतिशत वैट कम किया था। इससे हर महीने मप्र को 80 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार पेट्रोल पर 28 प्रतिशत वैट, एक प्रतिशत सैस और 4 रुपए प्रति लीटर एडिशनल टैक्स लेती है। वहीं डीजल पर 22 प्रतिशत वैट और एक प्रतिशत सैस लेती है।

बताते चले की साल 2014-15 में मप्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट से 6 हजार 504 करोड़ रुपए कमाए थे। जबकि साल 2015-16 में ये बढ़कर 7 हजार 213 करोड़ पर पहुंच गई। इसके बाद साल 2016-17 में और इज़ाफ़ा हुआ और ये आया 8 हजार 903 करोड़ हो गई। वहीं 2017-18 में 9 हजार 252 करोड़ रुपए हो गई।

 

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