89 साल की उम्र लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का निधन

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Somnath-Chatterjee - Former Loksabha Speaker
कई बड़े नेताओ ने जताया दुःख, ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

Former Loksabha Speaker – सोमवार को लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का 89 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।

वह काफी समय से बीमार चल रहें थे। दरअसल उनकी किडनी की बीमारी के चलते कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। बता दे की उनका लंबा राजनीतिक इतिहास रहा और वह करीब चार दशक तक सांसद रहे।

बीते 10 अगस्त को उनकी नाज़ुक तबियत को देखते हुए उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। माकपा के पूर्व नेता सोमनाथ चटर्जी 10 बार लोकसभा के सांसद रहे हैं। वह कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए-1 सरकार में 2004 से 2009 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे थे। यूपीए-1 शासनकाल में उनकी पार्टी सीपीएम की ओर से सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के बाद उनसे स्पीकर पद छोड़ने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। जिस कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। चटर्जी सीपीआईएम के केंद्रीय समिति के सदस्य रहे थे, और उन्हें प्रकाश करात के धुर विरोधी के रूप में जाना जाता है।

सोमनाथ चटर्जी की निधन की खबर आते ही सब हैरान हो गए। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, समेत कई दिग्गज नेताओ ने शोक जताया।

रामनाथ कोविंद के अलावा पीएम मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस खबर के बाद दुःख जाहिर किया। इन सभी नेताओ ने ट्वीट कर शोक जताया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘सोमनाथ चटर्जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। देश और बंगाल के लिए एक बड़ी हानि है। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवादनाएं हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहां कि वह एक संस्थान थे और पार्टी लाइन से हटकर सभी सांसदों के मन में उनके लिए अपार सम्मान था। इस दुख के समय में उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। इसके अलावा केजरीवाल ने दुःख जताते हुए लिखा की यह खबर सुनकर बेहद दुखी हूं. उन्हें लोकसभा के सबसे महानतम स्पीकर की श्रेणी में हमेशा याद रखा जाएगा।

वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहां की पूर्व सांसद और अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी भारतीय राजनीति का एक स्तंभ थे। वह कमजोर लोगों के कल्याण के लिए एक मजबूत आवाज थे। उन्होंने हमारे संसदीय लोकतंत्र को मजबूत किया। मैं उनके निधन से दुखी हूं और उनके परिवार व समर्थकों के साथ मेरी संवेदना हैं।

 

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