करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने को लेकर सुनवाई जारी

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DMK Chief - Karunanidhi
कावेरी अस्पताल में ली आखिरी सांस, समर्थक का बुरा हाल

Karunanidhi Death – तमिलनाडु के पूर्व सीएम और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एम करुणानिधि (94 साल) की उम्र ने उनका निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहें थे।

हालांकि मंगलवार से ही उनकी तबियत में कुछ सुधर नहीं था। जिसके बाद उनका शाम में निधन हो गया। निधन की खबर आते ही उनके समर्थक बुरी तरह से टूट गए। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर जमा होने लगे। वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी, राहुल गांधी , राम नाथ कोविंद सहित कई बड़े दिग्गज नेताओं ने शोक जताया। लेकिन अब डीएमके प्रमुख और दक्षिण भारत के दिग्गज नेता एम करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने को लेकर विवाद जारी है।

बता दे की इस विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट में आधी रात को सुनवाई हुई। हालांकि कोर्ट ने मामले को सुबह 8 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। इस मामले में तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट से जवाब देने के लिए अधिक समय की मांग की है। दरअसल, द्रमुक पूर्व सीएम एमजीआर और जयललिता की तरह ही मरीना बीच पर उनका समाधि स्थल चाहती है। लेकिन तमिलनाडु सरकार ने मरीना बीच पर जगह देने से इनकार कर दिया था। हालांकि समर्थक रात को ही हाईकोर्ट पहुंच गए। रात 11 बजे कार्यवाहक चीफ जस्टिस के घर पर ही दो जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की। करीब दो घंटे सुनवाई चली। सरकार ने जवाब देने के लिए वक्त मांगा तो कोर्ट ने सुनवाई बुधवार सुबह तक स्थगित कर दी। करुणानिधि के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए यहां के राजाजी हॉल में रखा गया है।

द्रमुक की मांग पर करुणानिधि का स्मारक बनाने के लिए सरकार ने गांधी मंडपम में दो एकड़ जगह देने की पेशकश की है, लेकिन पार्टी मरीना बीच पर ही जगह लेने पर अड़ी है।

सरकार भेदभाव कर रही हैं

द्रमुक के एक नेता का कहना है कि हमने हाईकोर्ट को बताया कि कैसे राज्य सरकार जयललिता के स्मारक के लिए 3400 से 3500 वर्ग फीट की जगह दे सकती है। लेकिन हमें 6 फीट की जगह देने से इनकार कर रही है। दरअसल, सरकार भेदभाव कर रही है। अन्नाद्रमुक सरकार यहां जयललिता का 50 करोड़ का स्मारक बनाने जा रही है।

राहुल गांधी बोले

जयललिता की तरह करुणानिधि भी तमिल लोगों की आवाज थे। ऐसे में उन्हें मरीना बीच पर जगह दी जानी चाहिए।” वहीं, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजादी ने कहा है कि तमिलनाडु सरकार को ऐसे मौके पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

 

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