जब शहीद अफरीदी से फैंस ने पूछा सवाल, बूमबूम की उपाधि किसने दी, अफरीदी बोले ये

0
79
Pakistan Cricketer - Shahid Afridi
लंबे समय के बाद इस बात का किया खुलासा

Shahid Afridi – पाकिस्तान के मशहूर वा धमाकेदार आलराउंडर शाहिद अफरीदी अपने क्रिकेट से बेहद फेमस हुए।

उनके फैंस पाकिस्‍तान में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में मौजूद हैं। पाकिस्तान के दिज्जग खिलाड़ियों में शामिल एक नाम शहीद अफरीदी का भी हैं। शहीद अफरीदी को ‘बूम-बूम अफरीदी’ के नाम से भी जाना जाता हैं। उनकी ताबड़-तोड़ बल्लेबाज़ी के कारण उन्हें ‘बूम-बूम अफरीदी’ का नाम मिला था। हालांकि इस बात का खुलासा कभी नहीं हो सका कि ये नाम उन्हें किसने दिया था।

बताते चले की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद शहीद अफरीदी ने इस बात का खुलासा किया हैं। हाल ही में शाहिद अफरीदी ने ट्विटर पर अपने प्रशंसकों से मुख़ातिब होने के लिए एक बातचीत सत्र का आयोजन किया था। इस ही दौरान उनके एक फैन ने उसने ये सवाल पूछ लिया की उन्हें बूमबूम की उपाधि किसने दी थी? तब इस दिज्जग बल्लेबाज़ ने इस सवाल का जवाब देते हुए बताया की उन्हें ये उपाधि टीम इंडिया के पूर्व हरफनमौला और मौजूदा समय में टीम इंडिया के कोच रवि शास्‍त्री ने कमेंटरी करते हुए सबसे पहले उन्‍हें ‘बूम-बूम अफरीदी’ कहकर संबोधित किया था। और तब से ही ‘बूम-बूम अफरीदी’ के नाम से मशहूर हो गया।

जब एक प्रशंसक ने सवाल दागा कि उन्हें बूमबूम की उपाधि किसने दी थी? तो शाहिद ने बताया कि टीम इंडिया के पूर्व हरफनमौला और मौजूदा समय में टीम इंडिया के कोच रवि शास्‍त्री ने कमेंटरी करते हुए सबसे पहले उन्‍हें ‘बूम-बूम अफरीदी’ कहकर संबोधित किया था।

गौरतलब हैं की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके अफरीदी ने अपने क्रिकेट करियर में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। शहीद अफरीदी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 11,196 रन बनाने के अलावा 541 विकेट भी हासिल किए। इसके अलावा 398 वनडे के करियर में 351 छक्‍के लगाए, 99 टी 20 इंटरनेशनल में 73 छक्‍के उनके नाम पर दर्ज हैं। बता दे की उन्होंने अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच मार्च 2015 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में खेला था, उन्‍होंने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच वेस्‍टइंडीज के खिलाफ खेला था। लेकिन हाल ही में वे एक प्रदर्शन क्रिकेट मैच में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ आईसीसी वर्ल्‍ड इलेवन की ओर खेलते हुए भी नजर आए थे।

अफरीदी का बल्‍लेबाजी औसत बहुत प्रभावी तो नहीं है लेकिन उनकी गेंदबाजी ने उनका काफी साथ दिया और यहीं कारण हैं की वे लंबे समय तक क्रिकेट के छोटे प्रारूप में पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम का हिस्‍सा बने रहे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here