सीएम शिवराज को जान से मारने की दी धमकी, आरोपी हिरासत में

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Shivraj Singh - Threat
पाकिस्तान से छूटकर आने के बाद अब सीएम शिवराज को दे डाली धमकी

Threat – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जान से मारने की धमकी दी गई। सीएम शिवराज को उनके ट्विटर अकाउंट पर ये धमकी दी गई।

जिसके बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल ये आरोपी कोई और नहीं बल्कि जितेंद्र अर्जुनवार हैं। जो पाकिस्तान की जेल में बंद था। मई 2018 को पाकिस्तान की जेल से छूटकर बरघाट लौटा था। बता दे की बुधवार रात जितेंद्र व उसके भाई भरत अर्जुनवार को घर से गिरफ्तार कर पुलिस भोपाल ले गई।

जितेन्द्र ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देने के लिए जिस सिम का उपयोग किया था, वह उसके भाई भरत के नाम पर है। जितेन्द्र ने सीएम शिवराज को मारने की धमकी उसके भाई के ट्विटर अकाउंट से दी थी। हालांकि पुलिस की गिरफ़्तारी के बाद दोनों को जमानत भी मिल गई है। वहीं पुलिस महानिरीक्षक इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि जितेन्द्र के पुराने रिकॉर्ड को पुलिस खंगाल रही है। पुलिस ने बताया की सीएम शिवराज सिंह के ट्विटर अकाउंट को स्टेट साइबर सेल द्वारा मॉनीटर किया जाता है। स्टेट साइबर सेल बुधवार रात स्थानीय पुलिस की मदद से सीएम को ट्विटर पर धमकी भरा संदेश भेजने वाले जितेंद्र अर्जुनवार (32) व उसके भाई भरत अर्जुनवार (25) को गिरफ्तार कर भोपाल ले गई है।

ये दी थी धमकी

पुलिस के मुताबिक ट्विटर पर जितेंद्र ने लिखा था कि अगर सीएम शिवराज सिवनी आए तो वह सीएम को जान से मार देगा। जितेंद्र व उसके भाई ने 5 से 7 अगस्त के बीच पांच बार सीएम को धमकी भरा मैसेज भेजा था। साइबर क्राइम पुलिस ने धमकी भरा मैसेज भेजने वालों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया है। सगे भाइयों ने सीएम को धमकी भरे मैसेज क्यों भेजे। इस बात का पता लगाने में साइबर क्राइम पुलिस जुटी हुई है। दोनों के खिलाफ धारा 506, 507, 66, 66 सी आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

साल 2013 में पाकिस्तान में किया गया था गिरफ्तार

बरघाट के जितेंद्र अर्जुनवार बिना बताए घर से निकल गया था। जिसको पाकिस्तानी रेंजर्स ने 12 अगस्त 2013 को भारतीय सीमा से 35 किमी दूर सिंध छावनी क्षेत्र में गिरफ्तार किया था। जितेंद्र पानी की तलाश में एलओसी पार कर पाकिस्तान में दाखिल हो गया था। बाद में उसे पाकिस्तान की जेल में कैद कर रखा गया था। अप्रैल 2018 में भारतीय नागरिकता की पुष्टि होने के बाद जितेंद्र को मई 2018 में कराची की मलिर जेल से पाकिस्तान सरकार ने रिहा किया था।

 

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